खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां गर्भवती प्रेमिका की हत्या कर उसका शव जंगल में फेंक दिया गया। अड़की थाना क्षेत्र के बारूहातू गांव की आठ माह की गर्भवती युवती सीनीता की हत्या का आरोप उसके प्रेमी सागर ओड़ेया पर लगा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल करने का दावा किया है।
गर्भवती प्रेमिका की हत्या: पूरा घटनाक्रम
मामला खूंटी जिले के अड़की थाना क्षेत्र का है। बारूहातू गांव की रहने वाली सीनीता और सागर ओड़ेया के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध थे। दोनों साथ रहते थे और इसी दौरान सीनीता गर्भवती हो गई। परिजनों के अनुसार, सीनीता सागर पर अपने साथ रखने का दबाव बना रही थी। इसी बीच सागर की नजदीकी दूसरी युवती से बढ़ गई और वह उसे ढुकू प्रथा के तहत अपने घर ले आया।
ढुकू प्रथा और बढ़ता तनाव
ढुकू प्रथा झारखंड के आदिवासी समाज में प्रचलित एक परंपरा है जिसमें युवक-युवती बिना विवाह के साथ रह सकते हैं। सागर द्वारा दूसरी युवती को ढुकू प्रथा के तहत घर लाने की जानकारी जब सीनीता को मिली, तो वह 2 सितंबर को सागर के घर पंगुरा गांव पहुंच गई। इसके बाद से ही वह लापता हो गई। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।
जंगल में मिला शव, पोस्टमार्टम से खुलासा
6 सितंबर को मुरहू थाना क्षेत्र के पंगुरा गांव के जंगल में सीनीता का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर हत्या की आशंका जताई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ – सीनीता आठ माह की गर्भवती थी और गर्भ में पल रहे बच्चे की भी मौत हो चुकी थी। इस खुलासे ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया।
पुलिस कार्रवाई और आरोपी का कबूलनामा
मुरहू थाना प्रभारी के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सागर ओड़ेया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह सीनीता को बहला-फुसलाकर जंगल ले गया और वहां उसकी गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और फॉरेंसिक सबूत भी जुटा रही है।
परिजनों का आरोप और सामाजिक पहलू
सीनीता के परिजनों का आरोप है कि सागर ने सोची-समझी साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। उनका कहना है कि जब सीनीता गर्भवती हुई तो सागर को जिम्मेदारी लेनी चाहिए थी, लेकिन उसने दूसरी युवती से संबंध बना लिए। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोग आरोपी के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं।
झारखंड में आदिवासी समाज की परंपराओं और आधुनिक कानून के बीच अक्सर टकराव देखने को मिलता है। ढुकू प्रथा जहां सामाजिक स्वीकृति प्राप्त है, वहीं ऐसी घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। खूंटी जिला प्रशासन और पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित न्याय की दिशा में काम कर रही है।
कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या, गर्भपात कराने और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा ताकि विस्तृत पूछताछ हो सके। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हत्या में कोई और व्यक्ति शामिल था।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि प्रेम संबंधों में जिम्मेदारी और संवेदनशीलता कितनी जरूरी है। एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जान जाना दुखद है। उम्मीद है कि कानून अपना काम करेगा और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।



