रांची: वरीय पुलिस अधीक्षक रांची द्वारा आज यूसी झा हॉल में आयोजित बैठक में टाइगर मोबाइल की गश्ती व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और अपराध नियंत्रण पर जोर दिया गया। नवीन पुलिस केंद्र में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, पुलिस अधीक्षक यातायात, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली समेत सभी पुलिस उपाधीक्षक, थाना प्रभारी और टाइगर मोबाइल में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
टाइगर मोबाइल की गश्ती व्यवस्था में सुधार के छह अहम निर्देश
बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक महोदय ने अपराध की रोकथाम, अपराधियों की पहचान तथा आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए छह सूत्री दिशा-निर्देश जारी किए। इन निर्देशों का उद्देश्य जिले की पुलिसिंग को आधुनिक तकनीक और सख्त पर्यवेक्षण के माध्यम से चुस्त-दुरुस्त करना है।
1. संवेदनशील स्थलों पर सघन गश्ती अनिवार्य
पहला निर्देश सघन गश्ती को लेकर है। टाइगर मोबाइल को अपने-अपने क्षेत्र में स्थित बैंक, एटीएम, ज्वेलरी शॉप, स्कूल, कॉलेज एवं अन्य महत्वपूर्ण व संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास नियमित एवं सघन गश्ती सुनिश्चित करने को कहा गया है। इससे स्ट्रीट क्राइम और संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
2. अपराधियों एवं संदिग्धों का सघन सत्यापन
दूसरा अहम बिंदु अपराधियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन है। आर्म्स एक्ट, चोरी, एनडीपीएस, अवैध शराब, चेन स्नैचिंग, मोबाइल स्नैचिंग एवं ड्रग पेडलिंग जैसे अपराधों में संलिप्त अभियुक्तों, पूर्व अपराधियों तथा संदिग्ध व्यक्तियों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इनके संबंध में सूचना एवं आसूचना संकलन कर आवश्यकतानुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।
3. क्यूआर कोड आधारित पेट्रोलिंग से निगरानी
तीसरा निर्देश तकनीक के उपयोग पर केंद्रित है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्थलों यथा स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, ज्वेलरी शॉप आदि पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। टाइगर मोबाइल कर्मियों को इन स्थलों पर जाकर क्यूआर कोड स्कैन करते हुए पेट्रोलिंग की उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इससे गश्ती की वास्तविक समय में मॉनिटरिंग संभव होगी और लापरवाही रुकेगी।
4. फायरिंग प्रैक्टिस से दक्षता वृद्धि
चौथा निर्देश फायरिंग प्रैक्टिस से संबंधित है। टाइगर मोबाइल में कार्यरत सभी पदाधिकारियों एवं सिपाहियों की छोटे हथियारों के साथ फायरिंग प्रैक्टिस अविलंब कराने को कहा गया है। आपात स्थिति में त्वरित और सटीक प्रतिक्रिया के लिए हथियार संचालन में दक्षता अनिवार्य मानी गई है।
5. थाना प्रभारियों द्वारा प्रभावी पर्यवेक्षण
पांचवें बिंदु में थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय की गई है। सभी थाना प्रभारी अपने क्षेत्र में कार्यरत टाइगर मोबाइल के कार्यों का नियमित पर्यवेक्षण करेंगे। साथ ही क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप कार्य-विभाजन, क्षेत्र-विभाजन एवं ड्यूटी समय का उचित निर्धारण सुनिश्चित करेंगे, ताकि संसाधनों का इष्टतम उपयोग हो सके।
6. तीन वर्ष से जमे कर्मियों का होगा स्थानांतरण
छठा और बेहद महत्वपूर्ण निर्देश कर्मियों के स्थानांतरण का है। वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि टाइगर मोबाइल में तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों का स्थानांतरण किया जाएगा। उनके स्थान पर नए पदाधिकारी एवं कर्मियों की पदस्थापना होगी। इसका मकसद टाइगर मोबाइल की कार्यप्रणाली में निरंतर प्रभावशीलता एवं नवीनता बनाए रखना है, ताकि पुराने पैटर्न और संभावित सांठगांठ को तोड़ा जा सके।
अपराध नियंत्रण के लिए प्रतिबद्धता दोहराई
वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की पहचान एवं आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए टाइगर मोबाइल की गश्ती व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं सक्रिय बनाया जाए। इस बैठक को रांची पुलिस के ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नागरिक सुरक्षा संबंधी अपडेट देखे जा सकते हैं।
पुलिस विभाग के जानकारों का मानना है कि क्यूआर कोड आधारित मॉनिटरिंग और लंबे समय से जमे कर्मियों के रोटेशनल ट्रांसफर से जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव आएगा। इससे न केवल गश्ती की जवाबदेही तय होगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भाव भी मजबूत होगा। आने वाले दिनों में इन निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा भी उच्च स्तर पर किए जाने की संभावना है।



