बखरी: बेगूसराय जिले के बखरी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर आज भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण के अलौकिक स्वरूप से सराबोर दिखा। कार्यक्रम में कुल 130 भैया-बहन राधा और कृष्ण के वेश में सज-धज कर उपस्थित हुए, जिनकी मनमोहक छटा ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन करके किया गया। इस पावन अवसर पर बेगूसराय जिला के माननीय संघचालक श्री मनोरंजन कुमार वर्मा जी, प्रबंध कारिणी समिति के अध्यक्ष श्री सुशील कुमार अग्रवाल जी, सचिव श्री मनीष कुमार, समिति सदस्य अनुभव आनंद जी, समिति सदस्या श्रीमती मीरा केसरी जी एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री विश्वनाथ यादव जी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का स्वागत विद्यालय परिवार की ओर से किया गया।
आचार्यों ने सुनाई भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाएं
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विद्यालय के आचार्य श्री राजकुमार जी ने भगवान श्री कृष्ण की जीवन लीला से संबंधित बाल लीलाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने माखन चोरी, कालिया नाग दमन, गोवर्धन पर्वत धारण जैसी प्रसंगों को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य श्री विश्वनाथ यादव जी ने भगवान श्री कृष्ण के जन्म से लेकर उनके जीवन की कई महत्वपूर्ण लीलाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण का जीवन हमें निष्काम कर्मयोग और धर्म की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
श्री कृष्ण जन्मोत्सव में गीता ज्ञान पर दिया गया जोर
समिति सदस्य अनुभव आनंद जी ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन चरित्र की वर्तमान जीवन में प्रासंगिकता बताई। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को कृष्ण के त्याग और बलिदान से सीख लेनी चाहिए। आज के मुख्य वक्ता माननीय जिला संघचालक श्री मनोरंजन कुमार वर्मा जी ने भगवान श्री कृष्ण के वचन “त्रिकाल सत्य कर्म प्रधानता” की अनिवार्यता पर विस्तार से व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि भागवत गीता जो विश्व में अद्वैत ग्रंथ है, उसका नियमित पाठ अवश्य करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन की विषम परिस्थितियों में जब मनुष्य असहाय महसूस करे, तो श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। भगवद्गीताा> जीवन का मार्गदर्शक ग्रंथ है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में युवाओं को दिया संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री सुशील कुमार अग्रवाल जी ने भगवान श्री कृष्ण के जीवन चरित्र पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उपस्थित युवा पीढ़ी से आह्वान किया कि वे भगवान श्री कृष्ण के त्याग, बलिदान और कर्मयोग को अपने जीवन में अवश्य उतारें। उन्होंने कहा कि कृष्ण ने कभी भी परिस्थितियों से समझौता नहीं किया, बल्कि धर्म की स्थापना के लिए सदैव तत्पर रहे। यही संदेश आज के युवाओं के लिए सबसे अधिक प्रेरणादायक है।
राधा-कृष्ण बने बच्चों को कराया गया माखन प्रसाद
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब राधा और कृष्ण के प्रतीक स्वरूप उपस्थित सभी 130 भैया-बहनों को अतिथियों द्वारा माखन प्रसाद ग्रहण कराया गया। बच्चों के चेहरे पर प्रसाद पाने की खुशी देखते ही बनती थी। पूरा विद्यालय परिसर “जय श्री कृष्ण” और “राधे-राधे” के जयघोष से गूंज उठा। अंत में सभी उपस्थित जनों ने मिलकर वंदे मातरम का गायन किया, जिसके साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।
विद्यालय परिवार ने की व्यवस्था की सराहना
कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी आचार्य बंधुओं, दीदी जी एवं भैया-बहनों का सराहनीय योगदान रहा। मंच संचालन का दायित्व आचार्य श्री राजकुमार जी ने बखूबी निभाया। आयोजन की भव्यता और अनुशासन देख अभिभावकगण भी अत्यंत प्रसन्न दिखे। सरस्वती शिशु मंदिर बखरी द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह श्री कृष्ण जन्मोत्सव अब क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है, जो नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रहा है।



